अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत समेत दुनिया के 70 देशों पर संसोधित टैरिफ लगाया । यह टैरिफ उनके एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से लागू होगा । यह टैरिफ 7 अगस्त से लागू होगा । ट्रम्प ने यह टैरिफ व्यापार घाटा कम करने एवं अमेरिका अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए किया है । भारत से निर्यात होने वाले उत्पादों पर अब 25% टैरिफ लगेगा।
टैरिफ 10% से लेकर 41% तक के बीच मे है। भारत पर 25% पर टैरिफ लगा है और यह बीच के टैरिफ वालों देशों मे शामिल है। 50 से ज्यादा देशों पर भारत से कम टैरिफ है।
| देश | टैरिफ (प्रतिशत मे ) | देश | टैरिफ (प्रतिशत मे) |
|---|---|---|---|
| पाकिस्तान | 19 | दक्षिण कोरिया | 15 |
| बांग्लादेश | 20 | ताइवान | 20 |
| श्रीलंका | 20 | इस्राइल | 15 |
| म्यांमार | 40 | सीरिया | 41 |
| यूरोपीय यूनियन | 10 | लाओस | 40 |
| यूनाइटेड किंगडम | 10 | इराक | 35 |
| जापान | 15 | स्विट्ज़रलैंड | 39 |
| तुर्किए | 15 | दक्षिण अफ्रीका | 30 |
| ब्राजील | 10 | न्यूजीलैंड | 15 |
भारत पर क्यों लगा 25% टैरिफ ?
- यूक्रेन युद्ध एवं पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भी भारत ने रूस के साथ अपना व्यापार कम नहीं किया और लगातार रूसी तेल आयात करता रहा है ।
- भारत और अमेरिका के बीच व्यापार मे अमेरिका को घाटा होता है। वित्तीय वर्ष 2024 मे अमेरिका को 45.7 बिलियन $ का व्यापारिक घाटा हुआ भारत के साथ ।
- भारत और अमेरिका के बीच काफी लंबे समय से ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रहा है और अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है । अमेरिका अपने जनेटिक मोडीफाइड कृषि उत्पाद – सोया और मक्का और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र मे अपना बाजार चाहता है और भारत इस पर राजी नहीं है।
- ट्रम्प मानते है की भारत उन देशों मे शामिल है जो अमेरिकी उत्पादों पर अत्यधिक कर लगाता है जिससे अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजार मे पिछड़ जाते है ।
- ट्रम्प ब्रिक्स को एक ऐसे समूह के रूप मे देखते है जो की अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती देता है और यदि इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो अमेरिकी वर्चस्व कम हो जाएगा । भारत एक महत्वपूर्ण सदस्य होने के कारण अमेरिका को लगता है की भारत अमेरिका विरोधी गुट का हिस्सा है।
भारत का प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने कहा की हम ट्रम्प के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के प्रभाव का अवलोकन कर रहे है । हम अपने राष्ट्रीय हितों के रक्षा एवं प्रोत्साहन के लिए आवश्यक कदम उठायेंगे ।
