E20 पेट्रोल से माईलेज घटेगा और इंजन को नुकसान ,केंद्र सरकार E20 पर अडिग

Share On

भारत ने जून 2025 मे ही अपने E 20 लक्ष्य यानि पेट्रोल मे 20% एथेनॉल के मिश्रण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है । एथानॉल को पेट्रोल मे मिला कर ईंधन के रूप मे इस्तेमाल किया जाता है।सरकार ने 2030 तक 30% एथेनॉल पेट्रोल मे मिश्रण करने यानि E30 का लक्ष्य रखा है।देश भर मे अब केवल E 20 पेट्रोल ही मिलेगा। पिछले 10 महीने से E 20 आधार ईंधन रहा है।

क्या है एथेनॉल ?

एथेनॉल का निर्माण गन्ना ,मक्का ,पराली ,से होता है। इसका इस्तेमाल ईंधन के रूप मे किया जाता है । इसको पेट्रोल मे मिला कर भी ईंधन के रूप मे इस्तेमाल किया जाता है। 2014 मे एथेनॉल की उत्पादन क्षमता 38 करोड़ लीटर थी जो की जून 2025 मे 661 करोड़ लीटर हो गया है।

केंद्र सरकार का E2O पेट्रोल पर राय

केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने कहा की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन कम होगा , वायु गुणवत्ता मे सुधार होगा । एथानॉल उत्पादन से भारत सरकार ने लगभग 1 लाख 6 हजार करोड़ रुपया के विदेश मुद्रा बचाया है।

उन्होंने कहा की E20 के इस्तेमाल से इंजन को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा की ब्राजील E27 का इस्तेमाल लंबे समय से कर रहा है लेकिन वहाँ कोई दिक्कत नहीं है।

E 20 का विरोध क्यों हो रहा है ?

  • E20 मे 20% एथेनॉल है एवं 80 प्रतिशत पेट्रोल मिश्रित है। एथेनॉल ,पेट्रोल की तुलना मे 30 -34 प्रतिशत कम ऊर्जा देता है । इसके के कारण E 20 ईंधन का माईलेज 5-6 प्रतिशत कम होगा।
  • BS 4 स्टैंडर्ड जो की 2017 मे आया ।इस स्टैंडर्ड के तहत निर्मित वाहन केवल E5 या E 10 ईंधन का प्रयोग कर सकता है । सभी BS 4 की वाहने एथेनॉल मिश्रित ईंधन के लिए नहीं बनी है । BS 6 की दूसरे चरण मे बनी वाहने ही E20 के लिए उपयुक्त है। BS6 की शुरुआत 1 अप्रैल ,2020 से हुआ । सरकार ने स्पष्ट किया है की अब से E 20 ईंधन ही मिलेगा जिससे पुराने वाहनों को काफी नुकसान होगा ।
  • बीमा कंपनियां आसानी से बीमा क्लेम को यह कह कर ठुकरा सकती है की उपयुक्त ईंधन का इस्तेमाल नहीं किया गया ।
  • E20 के इस्तेमाल से इंजन मे जंग लगता है ,एवं इंजन के आंतरिक भागों मे नुकसान होता है ।
  • ग्राहक को पेट्रोल और एथेनॉल मिश्रित ईंधन मे से चुनने का विकल्प का अभाव है । जिनके पास पुराना वाहन है उनको यह विकल्प होना चाहिए की वो पेट्रोल ले सके लेकीन ऐसा नहीं है । इसके विपरीत ब्राजील और अमेरिका मे यह विकल्प मौजूद है ।
  • एथेनॉल के मिश्रण से पेट्रोल 55 रुपया प्रति लीटर मिलेगा, ऐसा दावा तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वर्ष 2018 मे किया था । लेकिन हुआ ठीक इसके विपरीत । एथेनॉल लगभग 60 रुपयाप्रति लीटर मिलता है जबकि पेट्रोल 106 रुपया प्रति लीटर । 20 % एथेनॉल मिश्रण से पेट्रोल की कीमत मे कमी होनी चाहिए थी जो की नहीं हुई ।
  • गलत ईंधन के इस्तेमाल से मेंटेनेन्स कीमतों मे वृद्धि होगी और गाड़ी खराब होने की संभावना बढ़ जाएगी।

Share On